मुकेश पोपली के व्यंग्य
शुक्रवार, 25 जनवरी 2013
अब नहीं रह पाएगा मेरा दिल तेरे लिए व्याकुल
कल टिकट लेने गया था बोर्ड लगा था हाऊसफुल
तुम्हारी बेरुखी कुछ इस कदर शहर पर छा गई
इंतजार था धूप का और अचानक बारिश आ गई
मैंने कहा दिल को संभालने के लिए तुम्हारे दिल की जरूरत है मुझे
नर्स बोली अभी बिल संभालने के लिए एक फाईल की जरूरत है तुझे
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